🌾 रागी (Ragi) के फायदे: सेहत और पोषण से भरपूर अनाज
🌾 रागी (Ragi) के फायदे: सेहत और पोषण से भरपूर अनाज परिचय भारत सदियों से अनाज और दालों का घर रहा है। जहाँ एक ओर चावल और गेहूं मुख्य भोजन के रूप में खाए जाते हैं, वहीं कुछ पारंपरिक अनाज ऐसे हैं जो पोषण से भरपूर हैं लेकिन धीरे-धीरे हमारी थाली से गायब होते जा रहे हैं। इन्हीं में से एक है रागी (Ragi), जिसे हिंदी में मंडुआ या नाचनी और अंग्रेजी में Finger Millet कहा जाता है। रागी को “पावर हाउस ऑफ न्यूट्रिएंट्स” माना जाता है क्योंकि इसमें कैल्शियम, आयरन, फाइबर और अमीनो एसिड की भरपूर मात्रा होती है। यही वजह है कि इसे बच्चों, बुजुर्गों और डायबिटीज़ मरीजों के लिए सुपरफूड कहा जाता है। --- रागी की उत्पत्ति और खेती रागी की खेती मुख्यतः कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में की जाती है। यह अनाज सूखे और कठिन मौसम में भी उग सकता है, इसलिए किसानों के लिए यह बेहद लाभकारी है। इसे “स्मार्ट फूड” कहा जाता है क्योंकि यह हेल्दी है, किसान के लिए फायदेमंद है और पर्यावरण के लिए भी टिकाऊ है। --- रागी का पोषण मूल्य (Nutritional Value of Ragi) 100 ग्राम रागी में पाए जाते हैं: कैल्शियम – लगभग 344...