Shradh 2025| Spirituality or Shardh
Spirituality or Shardh | रूढ़िवादी नहीं यही धर्म है| Shardhaa श्रद्धा अर्पित करने का भाव ही श्राद्ध है पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का भाव ही श्राद्ध है। वैसे तो हर अमावस्या और पूर्णिमा को , पितरों के लिये श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। लेकिन आश्विन शुक्ल पक्ष के 15 दिन , श्राद्ध के लिये विशेष माने गये हैं। इन 15 दिनों में अगर पितृ प्रसन्न रहते हैं , तो फिर , जीवन में , किसी चीज़ की कमी नहीं रहती। कई बार , ग़लत तरीके से किये गये श्राद्ध से , पितृ नाराज़ होकर शाप दे देते हैं। इसलिये श्राद्ध में इन बातों का खास ध्यान रखना चाहिये। श्राद्ध के लिये कौन सा पहर श्रेष्ठ ? - श्राद्ध के लिये दोपहर का कुतुप और रौहिण मुहूर्त श्रेष्ठ है। - कुतुप मुहूर्त दोपहर 11:36AM से 12:24PM तक। - रौहिण मुहूर्त दोपहर 12:24PM से दिन में 1:15PM तक। - कुतप काल में किये गये दान का अक्षय फल मिलता है। - पूर्वजों का तर्पण , हर पूर्णिमा और अमावस्या पर करें।...